Bank FD New Rules 2025: TDS, निकासी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए हुए ये बड़े बदलाव!

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बैंक FD नए नियम 2025: विस्तृत सारांश

वर्ष 2025 में बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जिनका उद्देश्य जमाकर्ताओं को अधिक लचीलापन, सुरक्षा और पारदर्शिता प्रदान करना है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ये नए नियम जारी किए हैं, जिनमें मुख्य रूप से टीडीएस (TDS) प्रावधानों में संशोधन, आंशिक निकासी के नए नियम और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।

मुख्य बदलाव और लागू होने की तिथियां:

  • टीडीएस सीमा में वृद्धि (गैर-वरिष्ठ नागरिक): ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000 प्रति वित्तीय वर्ष। (लागू: 1 अप्रैल 2025)
  • टीडीएस सीमा में वृद्धि (वरिष्ठ नागरिक): ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 प्रति वित्तीय वर्ष। (लागू: 2025)
  • आंशिक निकासी नियम: कुल जमा राशि का 50% या अधिकतम ₹5 लाख (जो भी कम हो) बिना ब्याज के 3 महीने के अंदर निकाले जा सकते हैं। (लागू: 1 जनवरी 2025)
  • प्रतिभूतियों से ब्याज पर टीडीएस सीमा: ₹10,000 तक। (लागू: 2025)

टीडीएस (TDS) नियमों में विस्तृत बदलाव:

बजट 2025 में, वित्त मंत्री ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस (TDS) की सीमा को बढ़ाने की घोषणा की है:

  • सामान्य (गैर-वरिष्ठ) नागरिकों के लिए: यह सीमा अब ₹40,000 से बढ़कर ₹50,000 प्रति वित्तीय वर्ष हो गई है। यह बदलाव 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए: टीडीएस की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दी गई है। इससे बुजुर्गों को बैंक FD से अधिक लाभ मिलेगा और टीडीएस कटौती का डर कम होगा।
  • यदि पैन कार्ड की जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो टीडीएस 20% की दर से काटा जाएगा। टीडीएस तभी लागू होगा जब FD पर मिलने वाला ब्याज एक वित्तीय वर्ष में तय सीमा से अधिक हो।

आंशिक निकासी का नया नियम:

1 जनवरी 2025 से FD धारक अपनी कुल जमा राशि का 50% या अधिकतम ₹5 लाख (जो भी कम हो) बिना ब्याज के 3 महीने के अंदर निकाल सकते हैं। इस नियम के तहत, निकाली गई राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा, हालांकि बची हुई मूल राशि पर बैंक द्वारा तय ब्याज दर के अनुसार ब्याज मिलना जारी रहेगा।

FD मैच्योरिटी से संबंधित नियम:

FD मैच्योरिटी पर, यदि आप अपनी FD को रिन्यू (Renew) नहीं करते हैं, तो उस राशि पर बचत खाते के समान ब्याज दर लागू होगी। इसलिए, अपनी FD की मैच्योरिटी तिथि को ध्यान में रखना और समय पर उसे रिन्यू करवाना महत्वपूर्ण है ताकि ब्याज का नुकसान न हो।

अन्य महत्वपूर्ण टीडीएस फैसले:

  • प्रतिभूतियों में निवेश से प्राप्त ब्याज पर टीडीएस की सीमा: अब ₹10,000 तक की कटौती की जा सकती है।
  • स्टॉक्स या म्यूचुअल फंड्स से प्राप्त लाभांश पर टीडीएस छूट: यह सीमा पहले ₹5,000 थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया है।
  • बीमा एजेंटों के कमीशन पर टीडीएस की सीमा: बीमा एजेंटों के लिए यह सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹20,000 कर दी गई है।
  • ब्रोकरेज कमीशन पर टीडीएस की सीमा: ब्रोकरेज फर्मों और उनके द्वारा अर्जित कमीशन पर टीडीएस (TDS) की सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹20,000 कर दी गई है।
  • तकनीकी सेवाओं पर टीडीएस की सीमा: तकनीकी सेवा देने वालों के लिए भी टीडीएस (TDS) की सीमा ₹30,000 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दी गई है।

अस्वीकरण: यह लेख विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है और इसका उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है। वित्तीय निवेश से पहले, अपनी खुद की जिम्मेदारी पर विचार करें और एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। नियम और शर्तें परिवर्तन के अधीन हैं, इसलिए निवेश करने से पहले संबंधित बैंक से नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।

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