
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का विस्तृत सारांश
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है जिसका मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से देश में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। यह योजना नए उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए रियायती ऋण प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करती है। PMEGP का प्रबंधन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) द्वारा किया जाता है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) इस योजना के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है, जो इसे राज्य स्तर पर खादी और ग्रामोद्योग बोर्डों और जिला उद्योग केंद्रों (DIC) के माध्यम से लागू करता है।
PMEGP योजना का गठन 2008 में प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम (REGP) के विलय से हुआ था। इस योजना को वित्तीय वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसके तहत 40 लाख से अधिक रोजगार पैदा करने की उम्मीद है। PMEGP का लक्ष्य देश भर के युवाओं के लिए गैर-कृषि सूक्ष्म-व्यवसाय के अवसर उत्पन्न करना है।
PMEGP योजना की मुख्य बातें
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) |
| उद्देश्य | स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करना |
| मंत्रालय | सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) |
| नोडल एजेंसी | खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) |
| सब्सिडी | 15% से 35% तक |
| अधिकतम ऋण राशि | विनिर्माण क्षेत्र: ₹50 लाख, सेवा क्षेत्र: ₹20 लाख |
| लाभार्थी योगदान | सामान्य श्रेणी: 10%, विशेष श्रेणी: 5% |
| कार्यान्वयन अवधि | 2021-22 से 2025-26 |
| आयु सीमा | 18 वर्ष से अधिक |
PMEGP लोन के लिए पात्रता मापदंड
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- ₹10 लाख से अधिक लागत वाली विनिर्माण परियोजनाओं और ₹5 लाख से अधिक लागत वाली सेवा क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए कम से कम आठवीं कक्षा पास होना चाहिए।
- केवल नई परियोजनाएं ही पात्र हैं।
- पहले से मौजूद इकाइयां (जिन्होंने PMRY, REGP, या भारत सरकार/राज्य सरकार की किसी अन्य योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त की है) पात्र नहीं हैं।
- जिन परियोजनाओं में पूंजीगत व्यय शामिल नहीं है, वे पात्र नहीं हैं।
- भूमि की लागत परियोजना लागत में शामिल नहीं है।
- एक परिवार से केवल एक व्यक्ति (स्वयं और पति/पत्नी) इस योजना के तहत पात्र है।
- कोई आय सीमा नहीं है।
PMEGP योजना के तहत सब्सिडी
PMEGP योजना के तहत, सरकार परियोजना लागत पर सब्सिडी प्रदान करती है। सब्सिडी की दरें इस प्रकार हैं:
- सामान्य श्रेणी: शहरी क्षेत्र में परियोजना लागत का 15%, ग्रामीण क्षेत्र में 25%।
- विशेष श्रेणी (SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक, महिलाएं, पूर्व सैनिक, ट्रांसजेंडर, विकलांग, उत्तर पूर्वी क्षेत्र, महत्वाकांक्षी जिले, पहाड़ी और सीमा क्षेत्र): शहरी क्षेत्र में परियोजना लागत का 25%, ग्रामीण क्षेत्र में 35%।
- उन्नयन (अपग्रेडेशन) ऋण पर सब्सिडी: सभी श्रेणियों के लिए 15% (उत्तर पूर्वी क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों में 20%)।
PMEGP योजना के तहत अधिकतम ऋण राशि
- नए उद्यमों के लिए:
- विनिर्माण क्षेत्र: ₹50 लाख
- सेवा क्षेत्र: ₹20 लाख
- मौजूदा PMEGP/REGP/MUDRA इकाइयों के उन्नयन के लिए दूसरा ऋण:
- विनिर्माण क्षेत्र: ₹1 करोड़ तक, जिस पर अधिकतम सब्सिडी ₹15 लाख (उत्तर पूर्वी क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों में ₹20 लाख) होगी।
- सेवा क्षेत्र: ₹25 लाख तक, जिस पर अधिकतम सब्सिडी ₹3.75 लाख (उत्तर पूर्वी क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों में ₹5 लाख) होगी।
PMEGP लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़
- पासपोर्ट आकार की फोटो
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
- पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड, आदि)
- आवेदक का आठवीं कक्षा का प्रमाण पत्र
- विशेष श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- उद्यमी विकास कार्यक्रम (EDP) प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- अन्य दस्तावेज़ जो बैंक या NBFC द्वारा आवश्यक हों
PMEGP लोन के लिए आवेदन कैसे करें
PMEGP लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए, KVIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। PMEGP लोन योजना के बारे में सटीक और विस्तृत जानकारी के लिए, KVIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ या अपने निकटतम जिला उद्योग केंद्र से संपर्क करें। PMEGP एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना है, लेकिन ऋण की स्वीकृति बैंक और KVIC के नियमों और शर्तों के अधीन है।