
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) द्वारा आयोजित चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। राजस्थान हाई कोर्ट ने विभिन्न श्रेणियों, जैसे पूर्व सैनिक (Ex-servicemen), विधवा वर्ग, सहारिया वर्ग, दिव्यांग वर्ग और अन्य वर्गों के लिए जारी की गई चयन सूचियों (मेरिट लिस्ट) को रद्द कर दिया है। यह फैसला RSSB द्वारा ऐसे अभ्यर्थियों का चयन करने से संबंधित है जिन्होंने परीक्षा में शून्य अंक प्राप्त किए थे।
हाई कोर्ट में जस्टिस आनंद शर्मा की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा कि चयन प्रक्रिया में न्यूनतम योग्यता निर्धारित करना आवश्यक है। यह आदेश याचिकाकर्ता विनोद कुमार और अन्य की याचिकाओं पर दिया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील ने अदालत में अपना पक्ष रखा।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की चतुर्थ श्रेणी भर्ती प्रक्रिया में शून्य अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के चयन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राजस्थान हाई कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस फैसले से भर्ती से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों के बीच हलचल मच गई है। हाई कोर्ट ने विभिन्न आरक्षित श्रेणियों में जारी की गई मेरिट लिस्ट को निरस्त करने का निर्देश दिया है, जिसके बाद अब चयन प्रक्रिया फिर से चर्चा में आ गई है।
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
राजस्थान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती का आयोजन 53,749 पदों के लिए किया जा रहा था। परीक्षा 19 सितंबर से 21 सितंबर 2025 तक आयोजित की गई थी और इसका परिणाम जनवरी में जारी कर दिया गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी पूरा हो चुका था और अभ्यर्थी फाइनल मेरिट लिस्ट का इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। हाई कोर्ट के फैसले के बाद कर्मचारी चयन बोर्ड को नई मेरिट सूची तैयार करनी पड़ सकती है और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की संभावना भी बढ़ गई है।
राजस्थान हाई कोर्ट की एकल पीठ के न्यायाधीश जस्टिस आनंद शर्मा ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। पूर्व सैनिक, विधवा, दिव्यांग कोटा सहित कई वर्गों के परिणामों को रद्द करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी न्यूनतम योग्यता के मानदंड के परिणाम जारी किए गए, जिससे अंकों की अनिवार्यता का भी ध्यान नहीं रखा गया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हरेंद्र नील ने पैरवी की। अदालत का मानना है कि यदि बिना न्यूनतम अंक निर्धारित किए चयन किया जाता है, तो पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता प्रभावित होती है।
हाई कोर्ट द्वारा कई श्रेणियों की चयन सूचियों को रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह पूरा मामला उन अभ्यर्थियों के चयन को लेकर उठा था जिन्होंने परीक्षा में शून्य अंक प्राप्त किए थे, फिर भी उन्हें चयन सूची में शामिल किया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि ऐसे अभ्यर्थियों का चयन योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
Rajasthan 4th Grade Merit List Cancel Official Update Information
| भर्ती का नाम | राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 |
| भर्ती बोर्ड | RSSB |
| मामला | शून्य अंक पर चयन विवाद |
| कोर्ट आदेश | विभिन्न श्रेणियों की मेरिट सूची रद्द |
| प्रभावित वर्ग | पूर्व सैनिक, विधवा, सहारिया, दिव्यांग आदि |
| नई अपडेट | संशोधित मेरिट सूची संभव |
RSSB को अब क्या करना पड़ सकता है
हाई कोर्ट के आदेश के बाद, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को संशोधित मेरिट सूची जारी करनी पड़ सकती है। इसके अलावा, चयन प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा भी की जा सकती है। यह संभावना जताई जा रही है कि बोर्ड आने वाले दिनों में नया नोटिस जारी कर सकता है। या फिर, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड इस मामले को डबल बेंच में भी ले जा सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें ताकि उन्हें नई अपडेट मिल सकें।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि भर्ती प्रक्रिया में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया गया है जिन्होंने परीक्षा में कोई अंक प्राप्त नहीं किए थे, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। अदालत का मानना है कि भर्ती एजेंसियों को चयन प्रक्रिया के दौरान न्यूनतम योग्यता और कट-ऑफ जैसे मानकों का पालन करना चाहिए ताकि कोई विवाद उत्पन्न न हो। इसके साथ ही, चयन प्रक्रिया को दोबारा नियमों के अनुसार तैयार किया जाना चाहिए।