
सहारा रिफंड योजना का विस्तृत सारांश
सहारा इंडिया की रिफंड योजना केंद्रीय सहकारिता रजिस्ट्रार (CRCS) द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य लाखों निवेशकों को उनके फंसे हुए निवेश की वापसी में मदद करना है। इस योजना की शुरुआत 18 जुलाई 2023 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई थी, जिसमें लगभग ₹5,000 करोड़ की राशि के रिफंड का प्रावधान है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
- शुरुआत की तिथि: 18 जुलाई 2023
- कुल रिफंड राशि: ₹5,000 करोड़
- पात्र सहकारी समितियाँ: 4
- भुगतान माध्यम: सीधा बैंक ट्रांसफर (DBT)
- पंजीकरण: अनिवार्य
- प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों उपलब्ध
पात्र सहकारी समितियाँ
यह योजना निम्नलिखित चार सहकारी समितियों के निवेशकों के लिए है:
- सहारा क्रेडिट सहकारी समिति लिमिटेड, लखनऊ
- सहारा यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल
- हमारा इंडिया क्रेडिट सहकारी समिति लिमिटेड, कोलकाता
- स्टार्स मल्टीपरपज सहकारी समिति लिमिटेड, हैदराबाद
पात्रता मानदंड
रिफंड के लिए पात्र होने हेतु आवश्यक शर्तें:
- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक ने उपरोक्त सूचीबद्ध सहकारी समितियों में निवेश किया हो।
- निवेश का वैध प्रमाण होना चाहिए।
- ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी की हो।
आवेदन प्रक्रिया (ऑनलाइन)
ऑनलाइन आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- केंद्रीय सहकारिता रजिस्ट्रार (CRCS) पोर्टल पर जाएँ।
- पोर्टल पर लॉगिन करें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करें।
- आवेदन सफलतापूर्वक जमा करें।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज महत्वपूर्ण हैं:
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- निवेश प्रमाणपत्र
- बैंक खाता विवरण
- सदस्यता संख्या
अस्वीकरण: यह जानकारी 17 जनवरी 2025 तक वैध है। रिफंड प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं।