
मईया सम्मान योजना: ई-केवाईसी अनिवार्य और महत्वपूर्ण अपडेट
झारखंड सरकार की मईया सम्मान योजना में एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया गया है, जिसके तहत लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया गया है। सभी पात्र महिलाओं को 25 फरवरी 2025 तक अपना ई-केवाईसी पूरा करना होगा। जिन महिलाओं ने अभी तक अपना राशन कार्ड आधार और मोबाइल नंबर से नहीं जोड़ा है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, विशेष रूप से छठी और सातवीं किस्त का भुगतान रुक जाएगा।
योजना के मुख्य बिंदु:
- योजना का नाम: मईया सम्मान योजना
- राज्य: झारखंड
- मासिक सहायता राशि: ₹2,500
- ई-केवाईसी की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2025
- सत्यापन प्रक्रिया: ऑफलाइन बायोमेट्रिक सत्यापन
- लाभार्थी: झारखंड की योग्य महिलाएं
ई-केवाईसी क्या है और क्यों अनिवार्य है?
ई-केवाईसी (Electronic Know Your Customer) एक डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया है जो लाभार्थियों की पहचान और योग्यता की पुष्टि करती है। इसे धोखाधड़ी रोकने, अपात्र लाभार्थियों की पहचान करने और योजना का लाभ सही व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए अनिवार्य किया गया है।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया:
लाभार्थियों को निम्नलिखित चरणों का पालन करके ऑफलाइन माध्यम से ई-केवाईसी पूरा करना होगा:
- अपने नजदीकी राशन डीलर या सरकारी केंद्र पर जाएं।
- अपने साथ राशन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर ले जाएं।
- बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठे का निशान) कराएं।
- अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराएं।
आवश्यक दस्तावेज:
- राशन कार्ड
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- बैंक खाता विवरण
ई-केवाईसी न करने के परिणाम:
- छठी और सातवीं किस्त सहित भविष्य की किस्तों का भुगतान रुक जाएगा।
- लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
- भविष्य में पुनः पंजीकरण में समस्या आ सकती है।
सत्यापन और रिकवरी:
राज्य सरकार द्वारा व्यापक जांच की जाएगी, जिसमें अपात्र लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और गलत तरीके से लिए गए पैसे की वसूली भी की जा सकती है। इसके बाद नए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। सरकार ई-केवाईसी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित कर रही है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि केवल ऑफलाइन ई-केवाईसी ही मान्य होगा।