
2025 में प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ मेले के कारण बिहार की राजधानी पटना के पटना जंक्शन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ट्रेनों में जगह पाने के लिए यात्रियों को भारी धक्का-मुक्की और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था भी चरमरा गई है। यह स्थिति महाकुंभ जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के कारण बनी है, जिसने पटना जंक्शन को प्रयागराज जाने वाले यात्रियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना दिया है।
यात्रियों की मुख्य समस्याओं में ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ शामिल है, जहाँ एसी बोगी में भी खड़े होने की जगह नहीं मिल रही है। इसके चलते कई यात्रियों की ट्रेनें छूट रही हैं, और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। यात्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था में कमी की भी शिकायत की है, जिसमें रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों की कमी और टिकट कलेक्टरों की अनुपस्थिति शामिल है, जिससे अराजकता का माहौल है और जेबकतरों व अपराधियों की सक्रियता बढ़ने की आशंका है।
रेलवे प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ आरपीएफ जवानों को तैनात किया है और कुछ अतिरिक्त ट्रेनें भी चलाई हैं। हालांकि, ये प्रयास भीड़ की मांग को पूरा करने और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। प्रशासन यात्रियों से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, लेकिन यात्रियों को स्वयं संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए रेलवे प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को मिलकर काम करना चाहिए। यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, अतिरिक्त आरपीएफ जवानों को तैनात करना और टिकट कलेक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है।