PPF मैच्योरिटी के बाद क्या करें? जानें आपके लिए कौन सा विकल्प है सबसे बेहतर!

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PPF (सार्वजनिक भविष्य निधि) का गहन सारांश

PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक बेहद लोकप्रिय दीर्घकालिक निवेश योजना है, जिसका मुख्य लक्ष्य निवेशकों को स्थिर और उच्च रिटर्न के साथ एक सुरक्षित भविष्य निधि प्रदान करना है। यह योजना उन व्यक्तियों के लिए आदर्श है जो एक सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में हैं।

PPF खाते का संक्षिप्त परिचय और मुख्य विशेषताएँ

PPF खाता खोलना एक सरल प्रक्रिया है और कोई भी भारतीय नागरिक इसे खोल सकता है। यह खाता 15 वर्षों की अवधि के लिए होता है, जिसके दौरान निवेशकों को सालाना न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख का योगदान करना होता है। इस खाते पर ब्याज दर हर तिमाही बदलती रहती है, और वर्तमान में यह 7.1% प्रति वर्ष है।

PPF की प्रमुख विशेषताएँ:

  • न्यूनतम वार्षिक निवेश: ₹500
  • अधिकतम वार्षिक निवेश: ₹1.5 लाख
  • मैच्योरिटी अवधि: 15 वर्ष
  • वर्तमान ब्याज दर: 7.1% प्रति वर्ष (परिवर्तनशील)
  • कर लाभ: आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश पर कर छूट मिलती है।
  • सुरक्षा: यह योजना सरकार द्वारा समर्थित है, जिससे इसे अत्यंत सुरक्षित निवेश माना जाता है।
  • लंबी अवधि का निवेश: यह दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक है।
  • आंशिक निकासी: निवेशक 7वें वर्ष से कुछ शर्तों के अधीन आंशिक निकासी कर सकते हैं।

PPF मैच्योरिटी के बाद उपलब्ध विकल्प

जब आपका PPF खाता 15 वर्ष की मैच्योरिटी अवधि पूरी कर लेता है, तो आपके पास अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के अनुसार चुनने के लिए तीन मुख्य विकल्प होते हैं:

1. खाता बंद करना (पूर्ण निकासी)

यदि आप अपने PPF खाते को बंद करना चाहते हैं, तो आपको उस बैंक या डाकघर में एक फॉर्म जमा करना होगा जहाँ आपका खाता खोला गया था। इस फॉर्म के साथ आपको अपनी PPF पासबुक और एक कैंसिल्ड चेक भी संलग्न करना होगा। मैच्योरिटी की पूरी राशि आपके बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।

2. नए योगदान के साथ खाता बढ़ाना (5 साल के ब्लॉक में)

आप अपने PPF खाते को मैच्योरिटी के बाद 5 साल के ब्लॉक में नए योगदान के साथ बढ़ा सकते हैं। इस विकल्प का चुनाव करने के लिए, आपको मैच्योरिटी अवधि समाप्त होने के एक वर्ष के भीतर संबंधित बैंक या डाकघर में एक विस्तार फॉर्म (Form H) जमा करना होगा। इस विकल्प का लाभ यह है कि आप अपने खाते में आगे भी पैसे जमा कर सकते हैं और उस पर कर-मुक्त ब्याज अर्जित करना जारी रख सकते हैं।

3. बिना नए योगदान के खाता बढ़ाना (स्वचालित विस्तार)

यदि आप मैच्योरिटी पर खाता बंद करने का विकल्प नहीं चुनते हैं या नए योगदान के साथ खाता बढ़ाने का फॉर्म जमा नहीं करते हैं, तो आपका PPF खाता स्वचालित रूप से बढ़ जाएगा। इस स्थिति में, आप खाते में कोई नया योगदान नहीं कर सकते, लेकिन आपकी मौजूदा बैलेंस राशि पर कर-मुक्त ब्याज मिलता रहेगा। आप आवश्यकतानुसार खाते से आंशिक निकासी भी कर सकते हैं।

PPF विकल्पों का सारांश

विकल्प विवरण
खाता बंद करना मैच्योरिटी पर पूरी राशि निकालें और खाता बंद करें।
नए योगदान के साथ बढ़ाना 5 साल के ब्लॉक में खाता बढ़ाएं; नए पैसे जमा कर सकते हैं और ब्याज अर्जित कर सकते हैं।
बिना नए योगदान के बढ़ाना खाता स्वचालित रूप से बढ़ता है; नए पैसे जमा नहीं कर सकते, लेकिन मौजूदा बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है।

निष्कर्ष

PPF एक उत्कृष्ट दीर्घकालिक निवेश विकल्प है जो निवेशकों को सुरक्षित रिटर्न के साथ-साथ महत्वपूर्ण कर लाभ भी प्रदान करता है। मैच्योरिटी के बाद उपलब्ध विभिन्न विकल्प यह सुनिश्चित करते हैं कि निवेशक अपनी बदलती वित्तीय जरूरतों और लक्ष्यों के अनुसार सबसे उपयुक्त चुनाव कर सकें। यह योजना भविष्य के लिए एक मजबूत वित्तीय नींव बनाने में मदद करती है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। सभी निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने व्यक्तिगत वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें ताकि वे अपने लिए सबसे उपयुक्त निवेश विकल्प चुन सकें।

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