
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का गहन सारांश
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाना है। यह योजना कारीगरों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराने, उनके कौशल को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है। इसके तहत, कारीगरों को विशेष प्रशिक्षण, टूलकिट के लिए वित्तीय सहायता और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
योजना का अवलोकन और मुख्य विवरण
यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई थी और 31 मार्च 2028 तक संचालित होगी। इसका लक्ष्य 18 से 60 वर्ष की आयु के पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार हैं। योजना के मुख्य लाभों में शामिल हैं:
- ऋण राशि: पहला चरण: 1 लाख रुपये, दूसरा चरण: 2 लाख रुपये।
- टूलकिट सहायता: 15,000 रुपये।
- प्रशिक्षण भत्ता: 500 रुपये प्रति दिन।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण का महत्व
योजना में प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण घटक है। यह कारीगरों को न केवल अपने कौशल को बेहतर बनाने में मदद करता है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों और बाजार की मांगों से भी अवगत कराता है। प्रशिक्षण के माध्यम से, कारीगर अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाने, गुणवत्ता में सुधार करने, नए उपकरणों का उपयोग करने, उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री के नए तरीके जानने तथा डिजिटल लेनदेन व वित्तीय प्रबंधन के बारे में सीखते हैं।
ट्रेनिंग का कॉल नहीं आया? यहां जानें क्या करें
यदि आपने पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन किया है लेकिन अभी तक प्रशिक्षण के लिए कॉल नहीं आया है, तो आप निम्न कदम उठा सकते हैं:
- ऑनलाइन स्टेटस चेक करें: pmvishwakarma.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति जांचें।
- हेल्पलाइन पर कॉल करें: योजना की हेल्पलाइन नंबर 1800 267 7777 पर संपर्क करें।
- NSDC की विश्वकर्मा ट्रेनिंग हेल्पलाइन: नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की विशेष हेल्पलाइन 1800 569 1565 पर कॉल करें।
- नजदीकी CSC सेंटर पर जाएं: अपने आस-पास के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर मदद मांगें।
- ईमेल करें: यदि उपरोक्त तरीकों से मदद नहीं मिलती है, तो pm-vishwakarma@gov.in पर ईमेल करके अपनी समस्या बताएं।
पीएम विश्वकर्मा ट्रेनिंग कैसे शुरू होगी?
जब आपका नाम प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा, तो निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होगा:
- आपको अपने नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र का चयन करना होगा।
- शुरुआत में 5-7 दिनों की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
- बेसिक ट्रेनिंग के बाद, आप 15 दिनों की एडवांस्ड ट्रेनिंग के लिए चुन सकते हैं।
- ट्रेनिंग के दौरान आपको 500 रुपये प्रति दिन का भत्ता दिया जाएगा।
- प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आपको 15,000 रुपये का ई-वाउचर दिया जाएगा, जिसका उपयोग उपकरण खरीदने के लिए किया जा सकता है।
पीएम विश्वकर्मा ट्रेनिंग का पाठ्यक्रम और उसके बाद के लाभ
प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम व्यापक और व्यावहारिक है, जिसमें योजना की विस्तृत जानकारी, आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का परिचय, गुणवत्ता नियंत्रण के तरीके, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स, वित्तीय प्रबंधन और बैंकिंग, तथा उद्यमिता कौशल शामिल हैं।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, आप निम्नलिखित लाभ प्राप्त कर सकते हैं:
- 15,000 रुपये का टूलकिट वाउचर।
- पहले चरण में 1 लाख रुपये और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये तक का ऋण।
- प्रत्येक डिजिटल लेनदेन पर 1 रुपये का प्रोत्साहन (प्रति माह अधिकतम 100 लेनदेन तक)।
- अपने उत्पादों को बेचने के लिए सरकारी मंचों तक पहुंच और मार्केटिंग सहायता।
पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए पात्रता और शामिल व्यवसाय
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, वह एक पारंपरिक कारीगर या शिल्पकार होना चाहिए, और 18 चयनित व्यवसायों में से किसी एक में कार्यरत होना चाहिए। आधार कार्ड और बैंक खाता होना आवश्यक है।
योजना में शामिल 18 व्यवसायों में बढ़ई, नाई, लोहार, सुनार, कुम्हार, जूता मरम्मत करने वाला (मोची), राजमिस्त्री, टेलर, आदि शामिल हैं।
योजना के समग्र लाभ
इस योजना के माध्यम से कारीगरों को कौशल उन्नयन, आर्थिक सहायता, पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र के माध्यम से मान्यता, बाजार तक पहुंच, और डिजिटल सशक्तीकरण जैसे महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं।
ट्रेनिंग के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने के लिए, नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें, प्रशिक्षकों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, प्रैक्टिकल सेशन में सक्रिय रूप से भाग लें, अपने सहपाठियों के साथ अनुभव साझा करें और किसी भी शंका के लिए बेझिझक प्रश्न पूछें।
योजना की प्रगति और उपलब्धियां
पीएम विश्वकर्मा योजना ने अब तक काफी प्रगति की है, जिसमें 23 लाख से अधिक कारीगरों ने पंजीकरण कराया है, 11 लाख से ज्यादा लोगों ने बेसिक ट्रेनिंग पूरी की है, और 11 लाख से अधिक लोगों को टूलकिट वाउचर दिया गया है। देश भर में कई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। योजना के नियम और प्रक्रियाओं में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। कृपया नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी सरकारी कार्यालय से संपर्क करें। किसी भी विसंगति या त्रुटि के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।