PM Vishwakarma Yojana: कारीगरों और शिल्पकारों को मिलेगी नई पहचान और सम्मान – पूरी जानकारी

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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना का विस्तृत सारांश

भारत सरकार ने पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से "प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान" (PM Vishwakarma) नामक एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य इन कारीगरों को आधुनिक समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना, उनके कौशल में सुधार करना, नए उपकरण प्रदान करना और उन्हें डिजिटल दुनिया से जोड़ना है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और वैश्विक पहचान दिलाना है।

योजना का संक्षिप्त विवरण

यह एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसे 17 सितंबर, 2023 को शुरू किया गया था। यह 5 वर्ष (2023-2028) की अवधि के लिए लागू है और इसके लिए ₹13,000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इसका लक्ष्य लगभग 30 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को लाभान्वित करना है, जिसमें 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं। इस योजना का कार्यान्वयन कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।

PM विश्वकर्मा प्रशिक्षण का महत्व

प्रशिक्षण कार्यक्रम इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कारीगरों को अपने कौशल को बेहतर बनाने और आधुनिक तकनीकों को सीखने का अवसर प्रदान करता है। प्रशिक्षण के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • कौशल उन्नयन: पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों का ज्ञान।
  • डिजिटल साक्षरता: ऑनलाइन मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करना सीखना।
  • व्यावसायिक प्रबंधन: बुनियादी लेखांकन और व्यवसाय प्रबंधन की जानकारी।
  • नेटवर्किंग: अन्य कारीगरों और उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर।
  • प्रमाणन: मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र जो उनके कौशल का बाजार मूल्य बढ़ाता है।

अगर PM विश्वकर्मा प्रशिक्षण के लिए कॉल नहीं आया तो क्या करें?

यदि आपने आवेदन किया है और प्रशिक्षण के लिए कॉल नहीं आया है, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  1. सरकारी वेबसाइट पर अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन जांचें।
  2. योजना की आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
  3. अपने नजदीकी कौशल विकास केंद्र पर जाकर सीधे जानकारी प्राप्त करें।
  4. योजना के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नवीनतम अपडेट्स देखें।
  5. सुनिश्चित करें कि आपके सभी दस्तावेज सही और अद्यतन हैं।
  6. अपने स्थानीय पंचायत या नगर निगम कार्यालय से संपर्क करें।
  7. चयन प्रक्रिया में समय लग सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें।

योजना के लिए पात्रता मानदंड

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित मानदंडों को पूरा करना होगा:

  • आयु सीमा: 18 से 55 वर्ष के बीच।
  • व्यवसाय: 18 चिह्नित पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में कार्यरत होना चाहिए।
  • शैक्षिक योग्यता: कोई न्यूनतम शैक्षिक योग्यता आवश्यक नहीं है।
  • आय सीमा: वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए।
  • पहचान प्रमाण: आधार कार्ड अनिवार्य है।

चिह्नित 18 पारंपरिक व्यवसाय: बढ़ई, लोहार, पीतल और तांबा कारीगर, कुम्हार, कुलाल (मूर्तिकार), स्वर्णकार, स्टोन ब्रेकर और स्टोन कारवर, टोकरी और बांस कारीगर, हस्तनिर्मित कागज कारीगर, तंबाकू पाइप कारीगर, सुरमा कारीगर, चमड़ा कारीगर, लकड़ी का काम और खिलौना कारीगर, मालाकार, हाथ से बुनाई करने वाले (जूट, कॉयर आदि), हथकरघा बुनकर, जरदोजी कारीगर, लॉक निर्माता।

आवेदन प्रक्रिया

PM विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है:

  1. PM विश्वकर्मा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. नए उपयोगकर्ता के रूप में पंजीकरण करें।
  3. अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।
  4. आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करें।
  5. दी गई जानकारी की सत्यता की पुष्टि करें।
  6. फॉर्म जमा करें और रेफरेंस नंबर नोट कर लें।
  7. अपने आवेदन की स्थिति को नियमित रूप से ट्रैक करें।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

लाभार्थियों को कई प्रकार के लाभ प्रदान किए जाते हैं:

  • प्रशिक्षण: 5 दिन का बेसिक और 2 दिन का एडवांस्ड प्रशिक्षण।
  • टूलकिट: ₹15,000 तक की मुफ्त टूलकिट।
  • वित्तीय सहायता:
    • पहला ट्रांच: ₹1 लाख तक का कोलैटरल-फ्री लोन।
    • दूसरा ट्रांच: ₹2 लाख तक का कोलैटरल-फ्री लोन।
  • ब्याज सब्सिडी: 5% की ब्याज सब्सिडी।
  • डिजिटल ट्रांजेक्शन इंसेंटिव: ₹100 प्रति माह तक।
  • सामाजिक सुरक्षा: मुफ्त आकस्मिक बीमा कवरेज।
  • मार्केटिंग सपोर्ट: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने की सुविधा।

अस्वीकरण

यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रदान की गई है। योजना के नियम और प्रक्रियाओं में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय सरकारी कार्यालयों से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। यह योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही है, लेकिन किसी भी योजना के लिए आवेदन करते समय सावधानी बरतें और अपने व्यक्तिगत विवरण साझा करने में सतर्क रहें।

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