
एक वर्षीय बी.एड. पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी
राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 10 वर्षों के अंतराल के बाद एक वर्षीय बी.एड. पाठ्यक्रम को फिर से शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम नई शिक्षा नीति 2020 के तहत उठाया गया है और इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाना है।
पाठ्यक्रम की मुख्य बातें:
- यह पाठ्यक्रम उन व्यक्तियों के लिए उपलब्ध होगा जिनके पास चार वर्षीय स्नातक डिग्री या स्नातकोत्तर डिग्री है और वे शिक्षण पेशे में करियर बनाना चाहते हैं।
- पाठ्यक्रम की अवधि 1 वर्ष होगी, जिसे 2 सेमेस्टर में विभाजित किया जाएगा।
- शैक्षणिक सत्र आमतौर पर जून/जुलाई से शुरू होगा।
- अनुमानित शुल्क सीमा ₹20,000 से ₹30,000 के बीच होगी।
पात्रता मानदंड:
- अभ्यर्थी के पास 4 वर्षीय स्नातक डिग्री या स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए।
- न्यूनतम 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
- सेवारत शिक्षकों को प्रवेश प्रक्रिया में वरीयता दी जा सकती है।
पाठ्यक्रम में शामिल विषय:
इस पाठ्यक्रम में छात्रों को व्यापक शिक्षण ज्ञान प्रदान करने के लिए विभिन्न विषय शामिल होंगे, जैसे:
- शिक्षण शास्त्र (Pedagogy)
- शैक्षणिक मनोविज्ञान (Educational Psychology)
- पाठ्यक्रम विकास (Curriculum Development)
- समावेशी शिक्षा (Inclusive Education)
- सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का शिक्षण में उपयोग
प्रवेश प्रक्रिया:
प्रवेश प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होंगे:
- ऑनलाइन आवेदन जमा करना।
- मेरिट सूची का प्रकाशन, जो पिछली शैक्षणिक योग्यताओं पर आधारित हो सकती है, या प्रवेश परीक्षा के माध्यम से भी प्रवेश हो सकता है।
- काउंसलिंग सत्र में भाग लेना।
- दस्तावेजों का सत्यापन।
करियर के अवसर:
इस एक वर्षीय बी.एड. पाठ्यक्रम को पूरा करने के बाद छात्रों के लिए विभिन्न करियर के अवसर खुलेंगे:
- स्कूल शिक्षक (प्राथमिक, माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्तर पर)
- कोचिंग संस्थानों में शिक्षण
- शैक्षणिक परामर्शदाता (Educational Counselor)
- शैक्षणिक प्रशासन में भूमिकाएँ
यह योजना पूर्णतः वास्तविक है और NCTE द्वारा संचालित की जा रही है, जो शिक्षण पेशे में आने वाले स्नातकों और स्नातकोत्तरों के लिए एक त्वरित और प्रभावी मार्ग प्रदान करेगी।