
महाराष्ट्र सरकार की मुख्यमंत्री मझी लाडकी बहिन योजना में कुछ महिलाओं द्वारा धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, लेकिन कुछ लाभार्थियों द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।
योजना में धोखाधड़ी और सरकार का रुख
सरकार ने गलत जानकारी देकर या झूठे दस्तावेज प्रस्तुत करके योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। राजस्व विभाग और पुलिस जैसी जांच एजेंसियां इन मामलों की गहनता से जांच करेंगी।
धोखाधड़ी के प्रमुख प्रकार
सरकार द्वारा जिन मुख्य प्रकार की धोखाधड़ी की पहचान की गई है, वे निम्नलिखित हैं:
- दोहरी पात्रता: कई महिलाओं ने एक ही योजना के लिए एक से अधिक बार आवेदन करके लाभ प्राप्त किया है।
- गलत आय प्रमाण: लाभार्थियों द्वारा आय से संबंधित झूठे या मनगढ़ंत दस्तावेज जमा किए गए हैं।
- अपात्र महिलाओं द्वारा आवेदन: वे महिलाएं जिनकी आय योजना की निर्धारित सीमा से अधिक थी, उन्होंने भी गलत जानकारी देकर योजना का लाभ उठाया।
- बैंक खाता धोखाधड़ी: कुछ मामलों में किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते का उपयोग करके योजना का लाभ लिया गया है।
संभावित कार्रवाई और परिणाम
धोखाधड़ी करने वाली महिलाओं के खिलाफ सरकार द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
- लाभार्थी सूची से नाम हटाना।
- गलत तरीके से प्राप्त की गई पूरी राशि की वसूली करना।
- भविष्य में किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित करना।
- संबंधित कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई करना।
सभी लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे योजना के नियमों का पालन करें और केवल सही जानकारी दें। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या धोखाधड़ी के लिए कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।