
सुकन्या समृद्धि योजना का विस्तृत सारांश
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भारत सरकार द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू की गई एक महत्वपूर्ण बचत योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना है, जिसमें उनकी शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
इस योजना के तहत, माता-पिता अपनी बेटियों के लिए सालाना न्यूनतम 250 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। वर्तमान में, इस योजना पर 8.2% का आकर्षक ब्याज दर (जनवरी-मार्च 2025 के अनुसार) मिलता है, जिससे निवेश पर अच्छा रिटर्न प्राप्त होता है।
योजना का विवरण
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| न्यूनतम जमा राशि | ₹250 प्रति वर्ष |
| अधिकतम जमा राशि | ₹1.5 लाख प्रति वर्ष |
| ब्याज दर | 8.2% (जनवरी-मार्च 2025) |
| खाता खोलने की आयु सीमा | बेटी की आयु 10 वर्ष से कम |
| अधिकतम खाते | प्रति परिवार 2 बेटियों के लिए |
| परिपक्वता आयु | 21 वर्ष |
| कर लाभ | आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट |
पात्रता मानदंड
- बेटी भारतीय नागरिक होनी चाहिए।
- बेटी की आयु 10 वर्ष से कम होनी चाहिए जब खाता खोला जाए।
- एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए ही खाता खोला जा सकता है (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर)।
निकासी लाभ
- बेटी की 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर, उसकी उच्च शिक्षा के लिए जमा राशि का 50% तक निकाला जा सकता है।
- खाते की परिपक्वता (बेटी की 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर) पर पूरी राशि, अर्जित ब्याज के साथ, निकाली जा सकती है।
- बेटी की शादी के समय भी विशेष परिस्थितियों में राशि निकालने की सुविधा उपलब्ध है।
आवश्यक दस्तावेज
- बेटी का जन्म प्रमाणपत्र
- माता-पिता या कानूनी अभिभावक का आधार कार्ड
- बेटी का पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
कर लाभ
- इस योजना में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत पूर्ण कर छूट मिलती है।
- निवेश की गई राशि पर कर में कटौती का लाभ मिलता है।
- योजना से प्राप्त ब्याज आय और परिपक्वता राशि भी कर-मुक्त होती है, जिससे यह एक 'E-E-E' (छूट, छूट, छूट) श्रेणी का निवेश बन जाता है।
अस्वीकरण: यह योजना पूर्णतः वास्तविक है और भारत सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। व्यक्तिगत निवेश निर्णय सावधानीपूर्वक लिए जाने चाहिए और नवीनतम नियमों तथा ब्याज दरों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से की जानी चाहिए।