
उत्तर प्रदेश में बिजली दरों पर महत्वपूर्ण अपडेट
उत्तर प्रदेश में बिजली दरों को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संभावित बदलावों का संकेत दिया गया है। योगी सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना है, लेकिन उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जमा किए गए वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) के मसौदे में बड़े घाटे का खुलासा हुआ है।
मुख्य बिंदु:
- UPPCL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना ARR मसौदा विद्युत नियामक आयोग को सौंपा है।
- इस मसौदे में 12,800 करोड़ रुपये से 13,000 करोड़ रुपये के बड़े घाटे का अनुमान लगाया गया है।
- इस घाटे के कारण बिजली दरों में 15-20% तक की संभावित वृद्धि हो सकती है।
- विद्युत नियामक आयोग द्वारा अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।
वर्तमान (संदर्भित) बिजली दरें (प्रति यूनिट):
| श्रेणी | शहरी क्षेत्र दरें | ग्रामीण क्षेत्र दरें |
|---|---|---|
| 0-100 यूनिट | ₹5.50 | ₹3.35 |
| 101-150 यूनिट | ₹5.50 | ₹3.85 |
| 151-300 यूनिट | ₹6.00 | ₹5.00 |
| 300 यूनिट से अधिक | ₹6.50 | ₹5.50 |
महत्वपूर्ण वित्तीय आंकड़े:
- कुल बिजली आवश्यकता: 16,000 करोड़ यूनिट
- बिजली खरीद लागत: 92,000 करोड़ रुपये से 95,000 करोड़ रुपये
- अनुमानित वार्षिक राजस्व अंतर (घाटा): 12,800 करोड़ रुपये से 13,000 करोड़ रुपये
उपभोक्ताओं के लिए सुझाव:
संभावित दर वृद्धि को देखते हुए, उपभोक्ताओं को बिजली की खपत कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:
- ऊर्जा कुशल उपकरणों का उपयोग करें।
- बिजली के उपयोग में सावधानी बरतें और अनावश्यक उपकरणों को बंद रखें।
- LED बल्ब और इन्वर्टर AC का प्रयोग करें, जो कम बिजली खपत करते हैं।
निष्कर्ष:
उत्तर प्रदेश में बिजली दरों में होने वाले संभावित बदलाव उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। अंतिम निर्णय विद्युत नियामक आयोग द्वारा लिया जाएगा, और वास्तविक दरें अलग-अलग हो सकती हैं। यह जानकारी 15 जनवरी 2025 तक वैध है।