
SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा ने 2025 में अपने ग्राहकों के लिए कई महत्वपूर्ण नियम और सेवाओं में बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग अनुभव को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और लाभदायक बनाना है, लेकिन साथ ही ग्राहकों को नए नियमों और शुल्कों का भी ध्यान रखना होगा।
मुख्य बदलावों का अवलोकन
इन बदलावों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की नई स्कीम्स, KYC अपडेट, न्यूनतम बैलेंस की नई सीमाएं, ATM और UPI ट्रांजेक्शन लिमिट, EMI डिफॉल्ट पर पेनल्टी, चेकबुक व डेबिट कार्ड शुल्क, और बैंकिंग सुरक्षा में सुधार शामिल हैं। इन नियमों का पालन न करने पर खाता फ्रीज होने, अतिरिक्त शुल्क लगने या ट्रांजेक्शन में रुकावट जैसी दिक्कतें आ सकती हैं।
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में नए बदलाव
- SBI Patrons FD: 80 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह स्कीम 2-3 साल की FD पर 7.6% तक ब्याज देगी, जो नियमित वरिष्ठ नागरिक FD से 0.10% अधिक है।
- SBI Har Ghar Lakhpati RD Scheme: यह ग्राहकों को हर महीने छोटी रकम जमा करके कुछ सालों में 1 लाख या उससे ज्यादा की बचत बनाने में मदद करेगी।
- PNB New FD Tenures: PNB ने 303 दिन की FD पर 7% ब्याज, 506 दिन की FD पर 6.7% ब्याज और 400 दिन की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 7.25% ब्याज की पेशकश की है।
- BOB Liquid FD: बैंक ऑफ बड़ौदा की यह स्कीम ग्राहकों को अपनी FD का कुछ हिस्सा बिना पूरी FD तोड़े निकालने की सुविधा देती है, जिससे जरूरत पड़ने पर पैसे की उपलब्धता बनी रहती है।
न्यूनतम बैलेंस और शुल्क
2025 में इन बैंकों ने न्यूनतम बैलेंस की सीमाएं बढ़ा दी हैं:
- ग्रामीण क्षेत्र: न्यूनतम बैलेंस ₹500 से बढ़ाकर ₹1000 कर दिया गया है।
- शहरी क्षेत्र: न्यूनतम बैलेंस ₹3000 से बढ़ाकर ₹5000 कर दिया गया है।
- सेमी-अर्बन क्षेत्र: न्यूनतम बैलेंस ₹2000 रखा गया है।
न्यूनतम बैलेंस न रखने पर ग्राहकों को पेनल्टी या अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
KYC अपडेट का महत्व
PNB सहित सभी बैंकों ने KYC अपडेट को अनिवार्य कर दिया है। PNB ने विशेष रूप से घोषणा की है कि 23 जनवरी 2025 तक सभी खाताधारकों को अपनी KYC डिटेल्स अपडेट करनी होंगी। KYC अपडेट न करने पर आपका खाता फ्रीज हो सकता है और आप बैंकिंग सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसके लिए आधार कार्ड/पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं।
ATM और UPI ट्रांजेक्शन लिमिट में बदलाव
- ATM Withdrawal Limit: SBI, PNB और BOB में अब हर महीने केवल 3 बार मुफ्त में पैसे निकाले जा सकते हैं। उसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर ₹20 का चार्ज लगेगा।
- UPI Payment Limit: तीनों बैंकों ने UPI पेमेंट की दैनिक सीमा को घटाकर ₹1.5 लाख कर दिया है, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने और ट्रांजेक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने की उम्मीद है।
EMI डिफॉल्ट और अन्य शुल्क
- PNB EMI पेनल्टी: PNB में EMI मिस होने पर अब ₹250 का पेनल्टी चार्ज लगेगा।
- चेकबुक और डेबिट कार्ड शुल्क: 1 फरवरी 2025 से 25 पन्नों की चेकबुक ₹150 में और डेबिट कार्ड रिन्यूअल शुल्क ₹200 कर दिया गया है।
बैंकिंग सुरक्षा में सुधार
- Positive Pay System (BOB): बैंक ऑफ बड़ौदा ने ₹5 लाख से ज्यादा के चेक के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत चेक जारी करने से पहले उसकी जानकारी बैंक को देना अनिवार्य होगा।
- IMPS Transaction Limit (SBI): SBI ने IMPS ट्रांजेक्शन लिमिट को बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है।
- ऑनलाइन ट्रांजेक्शन (SBI): SBI में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर अब कोई चार्ज नहीं लगेगा।
ग्राहकों के लिए सुझाव
ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खाते की नियमित जांच करें, न्यूनतम बैलेंस बनाए रखें, समय पर KYC अपडेट करें, EMI और अन्य भुगतान समय पर करें, ATM और UPI ट्रांजेक्शन लिमिट का ध्यान रखें, तथा FD में निवेश करने से पहले नई ब्याज दरें और शर्तें ध्यान से पढ़ें।
निष्कर्ष
SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 2025 में लागू किए गए ये नए नियम ग्राहकों की सुविधा, सुरक्षा और सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हैं। इन बदलावों से ग्राहकों को FD में अधिक रिटर्न, बैंकिंग में बेहतर सुरक्षा और डिजिटल ट्रांजेक्शन में आसानी मिलेगी। हालांकि, ग्राहकों को नए शुल्कों और सीमाओं का भी ध्यान रखना होगा ताकि वे अपनी बैंकिंग सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उठा सकें।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी देने के लिए है। सभी बैंकिंग नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से पुष्टि करें।