
अनंत अंबानी की जामनगर से द्वारका तक की 170 किलोमीटर की पदयात्रा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने 29 मार्च 2025 को जामनगर से द्वारका तक की 170 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू की। यह यात्रा उनकी आध्यात्मिकता, दृढ़ निश्चय और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को उजागर करती है।
यात्रा का विवरण
- शुरुआत: 29 मार्च 2025 को जामनगर से।
- दूरी: कुल 170 किलोमीटर।
- दैनिक दूरी: अनंत अंबानी प्रतिदिन लगभग 20 किलोमीटर पैदल चलते हैं और रात में सात घंटे तक यात्रा करते हैं।
- समाप्ति: यह यात्रा 8 अप्रैल 2025 को समाप्त होगी, जो उनके 30वें जन्मदिन (9 अप्रैल) से ठीक एक दिन पहले है।
- साथी: इस यात्रा में उन्हें बाबा बागेश्वर (धीरेंद्र शास्त्री) का साथ मिला, जिन्होंने नंगे पैर चलकर इस पदयात्रा को और भी खास बना दिया।
पदयात्रा का महत्व और उद्देश्य
यह पदयात्रा भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके मुख्य उद्देश्य हैं:
- आध्यात्मिकता: द्वारका, भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र नगरी होने के कारण आध्यात्मिक महत्व रखती है।
- स्वास्थ्य और आत्म-सुधार: अनंत अंबानी ने कुशिंग सिंड्रोम, मोटापा, अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियों जैसी अपनी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर काबू पाने के लिए यह कठिन यात्रा चुनी। यह उनके व्यक्तिगत संघर्ष और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
- धर्म के प्रति आस्था: अनंत अंबानी नियमित रूप से बद्रीनाथ, केदारनाथ और कामाख्या मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर जाते रहते हैं, जो उनकी गहरी धार्मिक आस्था को दर्शाता है।
यात्रा के दौरान दिनचर्या और बाबा बागेश्वर का साथ
यात्रा के दौरान, अनंत अंबानी प्रतिदिन 20 किलोमीटर चलते हैं और रास्ते में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और देवी स्तोत्र का पाठ करते हैं। बाबा बागेश्वर ने उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया और धार्मिक भजनों व मंत्रों से वातावरण को पवित्र बनाए रखा।
सामाजिक योगदान
अनंत अंबानी केवल धार्मिक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। उन्होंने 'वन्तारा' नामक एक विशाल पशु आश्रय की स्थापना की है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके अतिरिक्त, वे रिलायंस इंडस्ट्रीज की नई ऊर्जा परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारत को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।
जनता की प्रतिक्रिया
अनंत अंबानी की इस पदयात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। रास्ते में कई लोग उनके साथ जुड़े, कुछ ने उन्हें भगवान द्वारकाधीश की तस्वीरें भेंट कीं, तो कुछ ने घोड़ों पर बैठकर उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जिससे उनके प्रति जनता का श्रद्धा और समर्थन स्पष्ट दिखाई दिया।
निष्कर्ष
अनंत अंबानी की यह 170 किलोमीटर लंबी पदयात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह उनके दृढ़ निश्चय, स्वास्थ्य सुधार की प्रतिबद्धता और समाज सेवा के प्रति समर्पण को भी दर्शाती है। यह यात्रा न केवल उनके लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो जीवन में किसी भी चुनौती का सामना कर रहे हैं।