चलती ट्रेन से कूड़ा फेंकना पड़ा महंगा: सफाईकर्मी पर रेलवे की सख्त कार्रवाई, लगा 25,000 का जुर्माना

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भारतीय रेलवे में स्वच्छता उल्लंघन की घटना का विस्तृत सारांश

भारतीय रेलवे देश के लाखों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन माध्यम है, और इसकी स्वच्छता कर्मचारियों व यात्रियों दोनों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। हाल ही में एक घटना ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया, जब एक सफाईकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में वह चलती ट्रेन से कूड़ा फेंकते हुए दिखाई दे रहा था, जिसने रेलवे के नियमों का सीधा उल्लंघन किया और जनता के बीच गुस्सा व निराशा उत्पन्न की।

घटना का विवरण और रेलवे की कार्रवाई

यह घटना 27 फरवरी 2025 को प्रयागराज में घटित हुई थी। कंचन लाल नामक एक सफाईकर्मी को गाड़ी संख्या 04115 सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक स्पेशल में ड्यूटी पर लगाया गया था। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि वह बिना किसी झिझक के ट्रेन के दरवाजे से बाहर कचरा फेंक रहा है।

इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय रेलवे ने तुरंत संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई की। कंचन लाल को उसकी ड्यूटी से हटा दिया गया और जिस कंपनी के तहत वह काम करता था, उस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त, ठेकेदार को भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न होने देने की कड़ी चेतावनी दी गई, अन्यथा और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्वच्छता नियम, जिम्मेदारियाँ और यात्रियों की प्रतिक्रिया

भारतीय रेलवे ने स्वच्छता बनाए रखने के लिए कई नियम और दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं। यात्रियों को ट्रेन के अंदर या बाहर कचरा फेंकने से मना किया जाता है और इसके लिए डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था की जाती है। सफाईकर्मियों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि ट्रेन और रेलवे परिसर स्वच्छ रहें। हालांकि, जब स्वयं सफाईकर्मी ही इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है। इस घटना के बाद, यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की, यह सवाल उठाते हुए कि जब रेलवे के कर्मचारी ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है।

निष्कर्ष

यह घटना केवल एक व्यक्ति की लापरवाही नहीं थी, बल्कि इसने भारतीय रेलवे की समग्र सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। हालांकि, रेलवे ने इस मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करके यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपने कर्मचारियों के कार्यों को गंभीरता से लेता है और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। यह कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भारतीय रेलवे में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।

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