
आरबीआई के नए नियम: 10 साल से ज़्यादा उम्र के बच्चे अब खुद चला सकेंगे बैंक अकाउंट (गहराई से सारांश)
मुख्य बदलाव और उद्देश्य
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत 1 जुलाई 2025 से 10 साल या उससे ज़्यादा उम्र के बच्चे अब अपने बैंक खातों का संचालन खुद कर सकेंगे। इस नियम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही वित्तीय समझ, बचत की आदत और आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। पहले यह सुविधा केवल माता-पिता या अभिभावकों के ज़रिए ही उपलब्ध थी। इस पहल से बच्चों को डिजिटल बैंकिंग, एटीएम कार्ड और चेक बुक जैसी सुविधाओं का उपयोग करने का अवसर मिलेगा, जो उनकी वित्तीय जिम्मेदारी को बढ़ाएगा।
नियमों की विस्तृत जानकारी
कौन खाता खोल और चला सकता है?
- 10 साल या उससे ज़्यादा उम्र के बच्चे: ये बच्चे अब बैंक की आंतरिक नीतियों और शर्तों के अनुसार अपने नाम से बचत (Savings) या सावधि जमा (Term Deposit) खाते खोल सकते हैं और उनका संचालन भी कर सकते हैं।
- 10 साल से कम उम्र के बच्चे: इनके खाते का संचालन पहले की तरह उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक ही करेंगे।
- 18 साल की उम्र पूरी होने पर: जब बच्चा 18 साल का हो जाएगा, तो बैंक को खाता पूरी तरह से वयस्क के नाम पर स्थानांतरित करने के लिए नए दस्तावेज़ और हस्ताक्षर लेने होंगे।
मिलने वाली सुविधाएँ
- सेविंग्स अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉज़िट अकाउंट खोलने की सुविधा।
- बैंक की नीति और जोखिम प्रबंधन नीति के अनुसार एटीएम/डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, चेक बुक जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हो सकती हैं।
- खाता हमेशा क्रेडिट में रहना चाहिए; ओवरड्राफ्ट (Overdraft) की अनुमति नहीं होगी।
- बैंकिंग के सभी नियम और शर्तें बच्चे को समझाई जाएंगी।
ध्यान रखने योग्य बातें
- बैंक खाते खोलते समय KYC (अपने ग्राहक को जानें) के सभी नियमों का पालन ज़रूरी है।
- बैंक समय-समय पर दस्तावेज़ों की जाँच और उन्हें अपडेट करेगा।
- खाते में जमा राशि, लेन-देन की सीमा आदि बैंक द्वारा तय की जाएगी।
- किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए बैंकिंग नियमों की जानकारी लेना और सुरक्षा उपायों का पालन करना ज़रूरी है।
इस बदलाव के फायदे
- जल्दी वित्तीय साक्षरता: बच्चों को छोटी उम्र से ही पैसे की अहमियत, बचत, खर्च और निवेश की मूल समझ मिलेगी।
- डिजिटल बैंकिंग की आदत: एटीएम, नेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं के ज़रिए बच्चे डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ेंगे और आधुनिक बैंकिंग प्रणालियों से परिचित होंगे।
- आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास: खुद खाता चलाने से बच्चों में आत्मविश्वास और वित्तीय मामलों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
- भविष्य की तैयारी: शिक्षा, शादी या अन्य बड़े खर्चों के लिए बचत की आदत कम उम्र से ही पड़ जाएगी।
- माता-पिता की निगरानी: माता-पिता चाहें तो खाते की निगरानी कर सकते हैं और बच्चों को सही वित्तीय दिशा में मार्गदर्शन दे सकते हैं।
माता-पिता और बच्चों के लिए सलाह
- माता-पिता की भूमिका: बच्चों को पैसे की अहमियत और बैंकिंग की मूल जानकारी दें। उन्हें बचत, बजट बनाने और समझदारी से खर्च करने के बारे में सिखाएं। बच्चों को डिजिटल बैंकिंग के जोखिमों और सुरक्षा उपायों के बारे में समझाएं।
- बच्चों के लिए ज़रूरी बातें: बैंकिंग की सभी शर्तें और सीमाएं अच्छे से समझें। कभी भी किसी को अपना एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंक डिटेल्स न बताएं। ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहें। ज़रूरत पड़ने पर माता-पिता या बैंक से सलाह लें।
खाता खोलने की प्रक्रिया
- बैंक में जाकर या ऑनलाइन आवेदन करें।
- बच्चे की जन्मतिथि का प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज़ फोटो आदि जैसे आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें। (10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता या अभिभावक के दस्तावेज़ लगेंगे)
- बैंक खाते की लिमिट, सुविधाएं और नियमों की जानकारी लें और समझें।
- खाता खुलने के बाद बच्चे को बैंकिंग की बेसिक जानकारी और सुरक्षा उपाय समझाएं।
महत्वपूर्ण अस्वीकरण (Disclaimer)
यह सारांश RBI द्वारा अप्रैल 2025 में जारी किए गए नए नियमों पर आधारित है। हालांकि, प्रत्येक बैंक की अपनी आंतरिक नीतियाँ और शर्तें हो सकती हैं जो दी जाने वाली सुविधाओं (जैसे एटीएम/डेबिट कार्ड, चेक बुक, इंटरनेट बैंकिंग) और लेन-देन की सीमाओं को प्रभावित कर सकती हैं। यह नियम 1 जुलाई 2025 से लागू होंगे। कृपया अपने बैंक से पूरी जानकारी और नियमों की पुष्टि अवश्य करें ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या धोखाधड़ी से बचा जा सके। यह योजना पूरी तरह असली है और RBI द्वारा आधिकारिक रूप से लागू की जा रही है, लेकिन हर बैंक की पॉलिसी अलग हो सकती है, इसलिए बैंक से पूरी जानकारी ज़रूर लें।