
एसबीआई बचत खाता नियम: गहराई से सारांश (15 जनवरी 2025 तक)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने बचत खाता नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो ग्राहकों के लिए कई अनुकूल नीतियां पेश करते हैं। ये बदलाव 15 जनवरी 2025 तक प्रभावी हैं। मार्च 2020 से, बैंक ने बचत खातों पर न्यूनतम शेष राशि (मिनिमम बैलेंस) न रखने पर लगने वाले जुर्माने को हटा दिया है, जिससे ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है।
न्यूनतम शेष राशि नियम
विभिन्न प्रकार के बचत खातों के लिए न्यूनतम शेष राशि के नियम और अधिकतम सीमाएँ इस प्रकार हैं:
| खाता प्रकार | विशेषताएं |
|---|---|
| बेसिक सेविंग्स बैंक जमा खाता | शून्य न्यूनतम शेष राशि |
| नाबालिग बचत खाता | अधिकतम शेष राशि ₹10 लाख |
| बेसिक सेविंग्स बैंक जमा छोटा खाता | अधिकतम शेष राशि ₹50,000 |
| सामान्य बचत खाता | कोई अधिकतम सीमा नहीं |
| वरिष्ठ नागरिक बचत खाता | 8.20% प्रति वर्ष ब्याज दर |
ब्याज दरें 2025
एसबीआई बचत खातों पर 15 जनवरी 2025 तक लागू ब्याज दरें निम्न प्रकार हैं:
- ₹10 करोड़ से कम शेष राशि: 2.70% प्रति वर्ष
- ₹10 करोड़ और उससे अधिक शेष राशि: 3.00% प्रति वर्ष
प्रमुख खाता प्रकार
एसबीआई विभिन्न ग्राहक वर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई प्रकार के बचत खाते प्रदान करता है। प्रमुख श्रेणियों में शामिल हैं:
- बेसिक सेविंग्स बैंक जमा खाता
- बचत प्लस खाता
- नाबालिग बचत खाता
- मोटर दुर्घटना दावा खाता
अतिरिक्त सुविधाएं
एसबीआई बचत खातों के साथ कई महत्वपूर्ण लाभ और सुविधाएं भी प्रदान करता है:
- शून्य न्यूनतम शेष राशि की आवश्यकता
- नामांकन सुविधा उपलब्ध
- सभी खातों के साथ एटीएम कार्ड
- मल्टी-सिटी चेकबुक सुविधा
चेक बुक और अन्य शुल्क
कुछ सेवाओं पर शुल्क लागू होते हैं:
- पहली पासबुक: मुफ्त
- 10 मल्टी-सिटी चेक: मुफ्त
- अतिरिक्त चेक पत्ते (10 पत्ते): ₹40 + GST
- आपातकालीन चेक बुक: ₹50 + GST
महत्वपूर्ण सुझाव
ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खाते की नियमित जांच करें, डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करें और उपलब्ध अतिरिक्त सुविधाओं के बारे में जानकारी रखें।
अस्वीकरण: यह जानकारी 15 जनवरी 2025 तक वैध है। बैंक नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।