
दिल्ली मेट्रो किराया वृद्धि अफवाहों पर DMRC का स्पष्टीकरण
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि दिल्ली मेट्रो के किराए में बढ़ोतरी होने वाली है। इन अफवाहों के कारण यात्रियों में चिंता का माहौल था। हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल दिल्ली मेट्रो के किराए में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।
वर्तमान किराया और पिछली वृद्धि
दिल्ली मेट्रो का किराया आखिरी बार 2017 में संशोधित किया गया था। उस समय न्यूनतम किराया 10 रुपये और अधिकतम किराया 60 रुपये निर्धारित किया गया था, और तब से लेकर अब तक ये दरें अपरिवर्तित हैं। DMRC ने यह भी बताया कि किराए में किसी भी प्रकार की वृद्धि केवल एक स्वतंत्र किराया निर्धारण समिति (फेयर फिक्सेशन कमेटी) द्वारा ही की जा सकती है, और वर्तमान में ऐसी कोई समिति गठित नहीं की गई है।
अफवाहों का स्रोत
दिल्ली मेट्रो के किराए में वृद्धि की अफवाहें संभवतः बेंगलुरु मेट्रो के किराए में हाल ही में हुई लगभग 50% की बढ़ोतरी के बाद फैली थीं, जिसने यह भ्रम पैदा किया कि दिल्ली मेट्रो भी इसी राह पर चल सकती है। DMRC ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए इन अफवाहों को निराधार बताया।
DMRC का आधिकारिक बयान
DMRC ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर स्पष्ट किया, "दिल्ली मेट्रो के किराए में संशोधन केवल एक स्वतंत्र फेयर फिक्सेशन कमेटी द्वारा किया जा सकता है, जिसे सरकार नियुक्त करती है। वर्तमान में ऐसी किसी समिति के गठन का प्रस्ताव नहीं है।" इस स्पष्टीकरण से लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
किराए में बदलाव का इतिहास
दिल्ली मेट्रो के किराए में पहले भी कई बार बदलाव हो चुके हैं:
- 2004: न्यूनतम ₹6, अधिकतम ₹15
- 2009: अधिकतम ₹22
- 2014: न्यूनतम ₹8, अधिकतम ₹30
- 2017: न्यूनतम ₹10, अधिकतम ₹60
इन बढ़ोतरी के पीछे बढ़ती परिचालन लागत, रखरखाव खर्च और मेट्रो के विस्तार जैसे कारण बताए गए थे।
निष्कर्ष
DMRC ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें। फिलहाल दिल्ली मेट्रो का किराया नहीं बढ़ रहा है, और भविष्य में किसी भी संभावित वृद्धि पर विचार तभी किया जाएगा जब सरकार द्वारा नई फेयर फिक्सेशन कमेटी का गठन किया जाएगा।