PMEGP योजना: 50 लाख तक लोन और 35% सब्सिडी पाएं, ऐसे शुरू करें अपना Business!

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PMEGP लोन योजना: स्वरोजगार के लिए एक विस्तृत मार्गदर्शिका

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) भारत सरकार द्वारा चलाई गई एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। यह उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं। इस योजना के तहत, सरकार 50 लाख रुपये तक का लोन और 35% तक की सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे लोगों को आत्मनिर्भर बनने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलती है।

PMEGP योजना क्या है?

PMEGP योजना, जिसका पूरा नाम Prime Minister’s Employment Generation Programme है, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME) द्वारा प्रबंधित एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना है। इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। यह योजना कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है और साथ ही सब्सिडी भी देती है।

  • योजना का नाम: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
  • उद्देश्य: स्वरोजगार को बढ़ावा देना
  • मंत्रालय: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME)
  • लोन की सीमा:
    • विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector): ₹50 लाख तक
    • सेवा क्षेत्र (Service Sector): ₹20 लाख तक
  • सब्सिडी: 15% से 35% तक (लाभार्थी की श्रेणी और स्थान पर निर्भर)
  • पुनर्भुगतान अवधि: 3 से 7 साल
  • पात्रता: 18 वर्ष से अधिक आयु, 8वीं पास (परियोजना लागत के अनुसार)

PMEGP योजना के लिए पात्रता

इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड पूरे करने होंगे:

  • आयु: आवेदक की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • शैक्षिक योग्यता:
    • विनिर्माण क्षेत्र में ₹10 लाख से अधिक की परियोजना लागत के लिए कम से कम 8वीं पास होना चाहिए।
    • सेवा क्षेत्र में ₹5 लाख से अधिक की परियोजना लागत के लिए कम से कम 8वीं पास होना चाहिए।
  • आय: आय की कोई विशेष सीमा नहीं है। स्वयं सहायता समूह (SHG) भी आवेदन कर सकते हैं।
  • अन्य मापदंड:
    • आवेदक किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं ले रहा हो।
    • सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत संस्थान, उत्पादन सहकारी समितियां और धर्मार्थ ट्रस्ट भी आवेदन कर सकते हैं।
  • निवास: यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए है।

लोन की सीमा और सब्सिडी

PMEGP योजना के तहत मिलने वाले लोन और सब्सिडी का विवरण इस प्रकार है:

  • लोन की सीमा:
    • विनिर्माण क्षेत्र के लिए ₹50 लाख तक।
    • सेवा क्षेत्र के लिए ₹20 लाख तक।
    • दूसरी बार लोन लेने पर, विनिर्माण क्षेत्र के लिए ₹1 करोड़ और सेवा क्षेत्र के लिए ₹25 लाख तक मिल सकता है।
  • सब्सिडी (मार्जिन मनी सब्सिडी):
    • सामान्य वर्ग:
      • शहरी क्षेत्र: 15%
      • ग्रामीण क्षेत्र: 25%
    • विशेष वर्ग (SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक/महिलाएं/भूतपूर्व सैनिक/शारीरिक रूप से विकलांग):
      • शहरी क्षेत्र: 25%
      • ग्रामीण क्षेत्र: 35%
  • सब्सिडी का लाभ 3 साल तक सफलतापूर्वक व्यवसाय चलाने और भौतिक सत्यापन के बाद मिलता है।

आवश्यक दस्तावेज़

आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:

  • पहचान प्रमाण (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड)।
  • पते का प्रमाण (आधार कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल, पानी बिल)।
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि SC/ST/OBC श्रेणी से हों)।
  • विशेष श्रेणी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
  • शैक्षिक योग्यता प्रमाण (8वीं कक्षा पास का प्रमाण पत्र)।
  • परियोजना रिपोर्ट (बिज़नेस प्लान का विवरण)।
  • ग्रामीण क्षेत्र प्रमाण पत्र (यदि ग्रामीण क्षेत्र से हों)।
  • प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (यदि EDP या कौशल विकास कार्यक्रम में भाग लिया हो)।
  • बैंक खाता विवरण।
  • पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

PMEGP लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के चरण:

  1. PMEGP की आधिकारिक वेबसाइट kviconline.gov.in/pmegpeportal पर जाएं।
  2. 'ऑनलाइन आवेदन फॉर्म फॉर इंडिविजुअल' या 'ऑनलाइन आवेदन फॉर्म फॉर नॉन-इंडिविजुअल' पर क्लिक करें।
  3. फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, व्यवसाय का विवरण और लोन से संबंधित सभी जानकारी सही-सही भरें।
  4. आवश्यक दस्तावेज़ों को स्कैन करके अपलोड करें।
  5. जानकारी भरने और दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद, 'सेव एप्लीकेंट डेटा' पर क्लिक करें।
  6. सभी जानकारी सही होने की पुष्टि करने के बाद, फॉर्म को फाइनल सबमिट करें।
  7. फाइनल सबमिशन के बाद आपको एक आवेदन आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा, जिसे सुरक्षित रखें।

ब्याज दर और पुनर्भुगतान

  • ब्याज दर: PMEGP लोन पर ब्याज दर आमतौर पर 11% से 12% के बीच होती है, जो बैंकों द्वारा निर्धारित की जाती है और समय-समय पर बदल सकती है।
  • पुनर्भुगतान: लोन का पुनर्भुगतान कार्यकाल 3 से 7 साल तक होता है। मासिक किस्तें (EMI) ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से बैंक को जमा करनी होती हैं।

PMEGP लोन योजना के फायदे

इस योजना के कई लाभ हैं:

  • कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होता है।
  • सरकार द्वारा सब्सिडी का लाभ मिलता है, जिससे परियोजना लागत कम हो जाती है।
  • लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलते हैं और वे आत्मनिर्भर बनते हैं।
  • नए व्यवसायों से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसाय को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण विकास होता है।

कुछ महत्वपूर्ण सुझाव

  • परियोजना रिपोर्ट (Project Report) बहुत ध्यान से बनाएं।
  • उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) या कौशल विकास कार्यक्रम में भाग लें।
  • आवेदन करने से पहले संबंधित बैंक से संपर्क करें और पूरी जानकारी प्राप्त करें।
  • सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए अपने व्यवसाय को 3 साल तक सफलतापूर्वक चलाएं।
  • लोन की EMI समय पर जमा करें।

अस्वीकरण: PMEGP लोन योजना - क्या यह सच है?

हाँ, PMEGP लोन योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक वास्तविक योजना है। यह स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है और कई लोगों को इसका लाभ मिला है। हालांकि, किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए जानकारी को आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करना और सभी नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ना महत्वपूर्ण है।

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