
भारत सरकार एक नई "यूनिवर्सल पेंशन स्कीम" (Universal Pension Scheme) लाने की तैयारी कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जैसे दैनिक वेतन भोगी, छोटे व्यापारी और स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति। इस योजना के तहत, कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से योगदान कर सकता है और 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन प्राप्त कर सकता है।
यह योजना मौजूदा पेंशन योजनाओं को एकीकृत करने का एक प्रयास है ताकि सभी नागरिकों को एक सरल और सुलभ पेंशन प्रणाली मिल सके। इसका लक्ष्य वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है।
योजना का विवरण:
- योजना का नाम: यूनिवर्सल पेंशन स्कीम
- उद्देश्य: सभी नागरिकों को पेंशन सुविधा उपलब्ध कराना
- योग्यता: 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी नागरिक
- योगदान: स्वैच्छिक (व्यक्ति अपनी आय के अनुसार नियमित रूप से योगदान कर सकता है)
- पेंशन की राशि: योगदान के आधार पर निर्धारित होगी
- संचालन: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा
- लाभार्थी: असंगठित क्षेत्र के कामगार, व्यापारी, स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति
योजना की आवश्यकता:
भारत में वरिष्ठ नागरिकों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2050 तक, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 347 मिलियन (कुल आबादी का 20%) तक पहुँचने का अनुमान है। ऐसे में, सभी नागरिकों को वृद्धावस्था में सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना आवश्यक है। वर्तमान में, अधिकांश पेंशन योजनाएँ केवल संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध हैं, जबकि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के पास सरकारी समर्थित बचत योजनाओं तक पहुँच नहीं है। यह योजना इस कमी को पूरा करने का प्रयास है।
मुख्य विशेषताएँ:
- स्वैच्छिक योगदान: लोग अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार योगदान कर सकते हैं।
- सभी के लिए खुली: यह योजना संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी।
- कोई सरकारी योगदान नहीं: यह योजना पूरी तरह से व्यक्तियों द्वारा किए गए योगदान पर आधारित होगी, सरकार की ओर से कोई योगदान नहीं होगा।
- मौजूदा योजनाओं का एकीकरण: इसमें प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) और राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) जैसी मौजूदा योजनाओं को एकीकृत किया जा सकता है।
- संचालन: इसका संचालन EPFO द्वारा किया जाएगा।
योजना के लाभ:
- सामाजिक सुरक्षा: वृद्धावस्था में सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
- आर्थिक सुरक्षा: लोगों को सेवानिवृत्ति के लिए धन जमा करने में मदद मिलेगी।
- सरल और सुलभ: यह योजना सरल और सुलभ होगी, जिससे अधिक लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।
- प्रभावी और कुशल प्रणाली: मौजूदा योजनाओं के एकीकरण से पेंशन प्रणाली अधिक प्रभावी और कुशल बनेगी।
मौजूदा योजनाओं पर प्रभाव:
यह उम्मीद की जा रही है कि यह योजना PM-SYM और NPS जैसी मौजूदा पेंशन योजनाओं को एकीकृत करेगी, जिससे पेंशन प्रणाली अधिक सरल और सुलभ हो जाएगी। PM-SYM असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ₹3,000 प्रति माह की पेंशन प्रदान करती है, जबकि NPS सभी नागरिकों के लिए एक स्वैच्छिक योजना है।
सरकार का दृष्टिकोण:
भारत सरकार इस योजना को लेकर गंभीर है और मानती है कि यह देश के सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। श्रम मंत्रालय इस योजना पर काम कर रहा है और इसे जल्द लागू करने की उम्मीद है, ताकि यह सभी नागरिकों के लिए आकर्षक और सुलभ हो सके।
निष्कर्ष:
यूनिवर्सल पेंशन स्कीम एक महत्वपूर्ण पहल है जो भारत के सभी नागरिकों को, विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर सकती है, जिससे वे वृद्धावस्था में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। यूनिवर्सल पेंशन स्कीम अभी भी विचाराधीन है और इसमें बदलाव हो सकते हैं। कृपया आवेदन करने से पहले सभी विवरणों की पुष्टि करें।