
भारतीय रेलवे और वरिष्ठ नागरिक सुविधाएँ: एक विस्तृत सारांश
भारतीय रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान अस्थायी रूप से बंद की गई रियायतों को अब फिर से लागू करने पर विचार किया जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि रेलवे यात्रियों को औसतन 53% सब्सिडी प्रदान करता है और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रियायतें बहाल करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
मुख्य सुविधाएँ और रियायतें
वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा में आराम और सुविधा प्रदान करने के लिए रेलवे निम्नलिखित सुविधाएँ देता है:
- निचली बर्थ आरक्षण: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष और 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएँ निचली बर्थ का लाभ उठा सकती हैं। स्लीपर कोच में छह बर्थ और एसी 3-टियर एवं 2-टियर में तीन बर्थ वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित होती हैं।
- किराए में छूट (पहले की स्थिति): पुरुषों को 40% और महिलाओं को 50% किराए में छूट मिलती थी। यह सुविधा मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी, जन शताब्दी और दुरंतो जैसी सभी प्रमुख ट्रेनों पर लागू होती थी।
- विशेष कोटा: स्लीपर और एसी 3-टियर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सीटें आरक्षित होती हैं।
- पहले से बुकिंग: निचली बर्थ सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 15 दिन पहले टिकट बुक करने की सलाह दी जाती है।
- स्थानीय ट्रेनों में सीटें: मुंबई, चेन्नई और कोलकाता की लोकल ट्रेनों में भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें आरक्षित हैं।
अन्य अतिरिक्त सुविधाएँ
वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाने के लिए रेलवे अन्य सुविधाएँ भी प्रदान करता है:
- व्हीलचेयर और बैटरी चालित वाहन: प्रमुख स्टेशनों पर ये सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
- पोर्टर सेवा: सामान ले जाने के लिए शुल्क आधारित पोर्टर सेवा उपलब्ध है।
- विशेष ट्रेनों का संचालन: कुछ ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सीटें आरक्षित होती हैं।
टिकट बुकिंग प्रक्रिया
वरिष्ठ नागरिक IRCTC वेबसाइट या रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर टिकट बुक करते समय 'Senior Citizen Concession' विकल्प चुन सकते हैं। रियायत का लाभ उठाने के लिए उम्र का प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है। यदि यात्री रियायत नहीं लेना चाहते हैं, तो 'Forgo Full Concession' विकल्प का चुनाव कर सकते हैं।
कोविड-19 के बाद रियायतों की बहाली पर विचार
कोविड-19 महामारी के कारण किराए में दी जाने वाली रियायतें अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थीं। हालांकि, संसद समिति ने स्लीपर और एसी 3-टियर क्लास में इन रियायतों को फिर से लागू करने की सिफारिश की है ताकि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिक इनका लाभ उठा सकें। वर्तमान में इन रियायतों की बहाली पर विचार चल रहा है।
निष्कर्ष
भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा को सुगम और आरामदायक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि कोविड-19 ने कुछ सुविधाओं को प्रभावित किया था, लेकिन अब उन्हें बहाल करने और नई सुविधाएँ प्रदान करने पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।
अस्वीकरण:
यह लेख भारतीय रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाओं पर आधारित है। वर्तमान समय में कुछ रियायतें बहाल नहीं हुई हैं, लेकिन राज्यसभा और संसद समिति द्वारा इसे पुनः लागू करने पर विचार किया जा रहा है।