दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन: 12 घंटे का सफर अब सिर्फ 4 घंटे में! जानें पूरी जानकारी

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दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन परियोजना: एक विस्तृत सारांश

भारत सरकार देश में बुलेट ट्रेन चलाने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में, दिल्ली से पटना के बीच हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है, जिससे दोनों शहरों के बीच की मौजूदा 12-16 घंटे की यात्रा का समय घटकर मात्र 4 घंटे रह जाएगा। यह परियोजना न केवल यात्रा को तेज और आरामदायक बनाएगी, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • रूट: यह दिल्ली-हावड़ा बुलेट ट्रेन परियोजना का हिस्सा है, जिसका रूट दिल्ली-वाराणसी-बक्सर-पटना-गया-हावड़ा होगा। इसकी कुल दूरी लगभग 1000 किलोमीटर है।
  • चरण:
    • पहला चरण: दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ और अयोध्या (813 किलोमीटर)।
    • दूसरा चरण: वाराणसी से हावड़ा वाया पटना, जिसमें बिहार के बक्सर, पटना और गया में स्टेशन शामिल होंगे।
  • अनुमानित गति: बुलेट ट्रेन 250-400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है, जिससे दिल्ली से पटना की दूरी 4 घंटे में पूरी की जा सकेगी। जापान की शिंकानसेन अल्फा-एक्स या चीन की ट्रेनों की क्षमता इससे भी अधिक बताई गई है।
  • बिहार में प्रस्तावित स्टेशन: बक्सर, पटना, गया, आरा, और जहानाबाद।
  • अनुमानित लागत: पूरे 1660 किमी के दिल्ली-हावड़ा रूट के लिए लगभग 5 अरब रुपये अनुमानित है।
  • परियोजना की स्थिति: वर्तमान में परियोजना योजना और भूमि अधिग्रहण के चरण में है। सरकार का प्राथमिक ध्यान अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन नेटवर्क पर है, जिसके पूरा होने के बाद ही वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन नेटवर्क पर काम शुरू होगा। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यह रूट 2030 तक तैयार हो सकता है।

परियोजना के लाभ

  • यात्रा के समय में कमी: दिल्ली-पटना के बीच यात्रा का समय 12-16 घंटे से घटकर सिर्फ 4 घंटे रह जाएगा।
  • आर्थिक विकास: व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को विशेष लाभ होगा।
  • बेहतर कनेक्टिविटी: यह परियोजना बिहार और उत्तर प्रदेश को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर ढंग से जोड़ेगी।
  • आधुनिक परिवहन: भारत को वैश्विक स्तर पर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क वाले देशों की सूची में शामिल करेगी।

भूमि अधिग्रहण और मेक इन इंडिया

बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जल्द शुरू होने की संभावना है, खासकर बिहार के भोजपुर जिले के 38 गांवों में। पटना के फुलवारी या बिहटा में स्टेशन निर्माण के लिए जगह निर्धारित की जाएगी। "मेक इन इंडिया" पहल के तहत, इंटीग्रल कोच फैक्टरी (चेन्नई) BEML के साथ मिलकर 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले हाई-स्पीड ट्रेन सेट का डिज़ाइन और निर्माण कर रही है।

निष्कर्ष और अस्वीकरण

दिल्ली-पटना बुलेट ट्रेन परियोजना भारत की प्रगति और विकास का प्रतीक है, जो देश को एक आधुनिक और तेज परिवहन प्रणाली प्रदान करेगी। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह परियोजना अभी भी योजना के चरण में है। इसके पूरा होने में कई साल लग सकते हैं, और इसकी सफलता भूमि अधिग्रहण, धन और तकनीकी चुनौतियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी। विभिन्न समाचार स्रोतों में गति और समय-सीमा के बारे में अलग-अलग दावे किए गए हैं, इसलिए परियोजना की वास्तविक समय-सीमा और प्रदर्शन के बारे में निश्चितता के साथ कहना मुश्किल है।

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