Central Employees' DA Jumps to 56% from Jan 2025: Will 18-Month Arrears Finally Be Paid?

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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) वृद्धि और एरियर का विस्तृत सारांश

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 3% की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है, जिससे DA 53% से बढ़कर 56% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी और इससे 50 लाख से अधिक कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्य बिंदु:

  • नया DA रेट: 56% (1 जनवरी 2025 से)
  • पिछला DA रेट: 53% (जुलाई 2024)
  • बढ़ोतरी: 3%
  • लाभार्थी: 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर
  • न्यूनतम वेतन वृद्धि: ₹18,000 बेसिक पे पर ₹540 प्रति माह का अतिरिक्त लाभ
  • घोषणा की संभावित तिथि: मार्च 2025 (होली के आसपास)

DA की गणना:

महंगाई भत्ता ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर गणना की जाती है, जो मुद्रास्फीति को मापता है। इसका फार्मूला है: DA% = ((पिछले 12 महीनों का औसत AICPI – 115.76) / 115.76) x 100, जिसमें 115.76 वर्ष 2016 का बेस इंडेक्स है।

18 महीने के DA एरियर का मुद्दा:

जनवरी 2020 से जून 2021 तक की अवधि के 18 महीने के बकाया DA एरियर का मुद्दा अभी भी लंबित है। इस दौरान कोविड-19 महामारी के कारण DA फ्रीज कर दिया गया था। सरकार ने पहले इस अवधि का कोई एरियर न देने का आदेश दिया था, लेकिन कर्मचारी संगठन लगातार इसकी मांग कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक घोषणा या समाधान का संकेत नहीं मिला है।

लाभ और प्रभाव:

DA हाइक से कर्मचारियों की क्रय शक्ति में वृद्धि होती है, जीवन स्तर में सुधार आता है, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है और उनका मनोबल बढ़ता है। पेंशनभोगियों को भी इसी अनुपात में महंगाई राहत (DR) में वृद्धि मिलेगी।

भुगतान का समय:

यह वृद्धि 1 जनवरी 2025 से लागू होगी, लेकिन वास्तविक भुगतान मार्च या अप्रैल 2025 के वेतन में किया जाएगा, जिसमें जनवरी और फरवरी 2025 का एरियर भी शामिल होगा।

8वें वेतन आयोग से संबंध:

DA हाइक का 8वें वेतन आयोग से भी संबंध है, जिसके 2026 में लागू होने की उम्मीद है। नए वेतन आयोग में DA की गणना पद्धति में बदलाव या इसे मूल वेतन में मर्ज करने की संभावना जताई जा रही है।

सरकारी खजाने पर बोझ और कर्मचारियों की मांगें:

3% की बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर लगभग ₹9,500 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक बोझ पड़ेगा। कर्मचारी संगठन DA की गणना के लिए point-to-point पद्धति अपनाने, 18 महीने के एरियर का भुगतान और DA के 50% से अधिक होने पर इसे मूल वेतन में मर्ज करने जैसी मांगें कर रहे हैं।

चुनौतियां और व्यापक प्रभाव:

DA हाइक को लागू करने में सटीक AICPI डेटा, बार-बार समायोजन और वित्तीय बोझ का प्रबंधन जैसी चुनौतियां आती हैं। इसका प्रभाव केवल सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र, उपभोक्ता बाजार और रियल एस्टेट जैसे अन्य क्षेत्रों पर भी सकारात्मक असर पड़ता है। भविष्य में DA गणना को और अधिक कुशल बनाने और डिजिटल तकनीक का उपयोग करने की संभावनाएं हैं।

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