
सोना भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे गहनों के साथ-साथ एक प्रमुख निवेश के रूप में भी देखा जाता है। हाल ही में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने खरीदारों और निवेशकों दोनों को आश्चर्यचकित किया है।
सोने की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं, जैसे वैश्विक आर्थिक स्थिति, डॉलर की मजबूती, और मांग-आपूर्ति का संतुलन। 14 अप्रैल 2025 को भारत में 24 कैरेट सोने का भाव ₹100,534 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹92,618 प्रति 10 ग्राम रहा।
सोना विभिन्न शुद्धता स्तरों में उपलब्ध होता है: 24 कैरेट सोना (99.9% शुद्ध) सबसे शुद्ध होता है, जबकि 22 कैरेट सोना (लगभग 91.67% शुद्ध) गहने बनाने के लिए उपयुक्त होता है। भारत के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बैंगलोर, कोलकाता और जयपुर में सोने की कीमतें अलग-अलग देखी गई हैं।
सोने की कीमतों में गिरावट के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें डॉलर की मजबूती (जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सस्ता हो जाता है), वैश्विक स्तर पर सोने की आपूर्ति में वृद्धि, केंद्रीय बैंकों द्वारा गोल्ड रिजर्व घटाने की योजना से मांग में कमी, और वैश्विक शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार का दबाव शामिल है। पिछले कुछ दिनों के ट्रेंड को देखें तो कीमतों में कमी आई है।
सोने की कीमतों में इस गिरावट का खरीदारों और निवेशकों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ा है। यह गहने खरीदने वालों के लिए एक अनुकूल अवसर है, जबकि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। सोना खरीदते समय, उसकी शुद्धता (कैरेट स्तर), विभिन्न शहरों में दरों की तुलना, मेकिंग चार्ज और टैक्स का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
संक्षेप में, सोने की कीमतों में मौजूदा गिरावट ने खरीदारों और निवेशकों दोनों के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। हालांकि, यह गिरावट स्थायी नहीं हो सकती है, इसलिए सही समय पर सही निर्णय लेना आवश्यक है। यह जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। निवेश से पहले बाजार का विश्लेषण और विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।