
ईपीएस-95 पेंशन में ऐतिहासिक वृद्धि: विस्तृत सारांश
मई 2025 भारत के करोड़ों रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक महीना बन गया है। एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS-95) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन में सरकार ने एक बड़ी और ऐतिहासिक बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह फैसला सरकार और सुप्रीम कोर्ट के साझा निर्णय के बाद आया है, जिससे लगभग 78 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा।
मुख्य बदलाव और विशेषताएँ:
- न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी: ईपीएस-95 के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर अब ₹8,500 प्रति माह कर दिया गया है। यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है।
- महंगाई भत्ता (DA) शामिल: इस नई पेंशन राशि में डियरनेस अलाउंस (DA) को भी शामिल किया गया है। इसका अर्थ है कि पेंशन राशि को हर 6 महीने में महंगाई के हिसाब से संशोधित किया जाएगा, जिससे पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई से सुरक्षा मिलेगी।
- लाभार्थियों की संख्या: इस फैसले से करीब 78 लाख ईपीएस-95 पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें रिटायर्ड कर्मचारी, विधवाएँ, आश्रित और दिव्यांग पेंशनर्स सभी शामिल हैं।
- प्रभावी तिथि: यह नई पेंशन दर मई 2025 से लागू हो चुकी है। पेंशनर्स को बढ़ा हुआ भुगतान जून 2025 से उनके बैंक खातों में सीधे मिलना शुरू हो जाएगा।
बढ़ोतरी की आवश्यकता क्यों थी?
पहले की ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन राशि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और महंगाई के मुकाबले बेहद कम थी। चिकित्सा खर्चों और रोजमर्रा के जीवन-यापन की लागत लगातार बढ़ने से पेंशनर्स को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा, पेंशन में महंगाई भत्ते का शामिल न होना भी एक बड़ी कमी थी। पेंशनर्स संगठनों द्वारा लंबे समय से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और डीए शामिल करने की मांग की जा रही थी, जिसके परिणामस्वरूप यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
इस फैसले का प्रभाव और लाभ:
- आर्थिक सुरक्षा: अब पेंशनर्स को हर महीने पर्याप्त और नियमित आय मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
- महंगाई से राहत: डीए के शामिल होने से पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के प्रभावों से बचाया जा सकेगा, क्योंकि उनकी पेंशन समय-समय पर समायोजित होती रहेगी।
- सम्मानजनक जीवन: यह वृद्धि देश के बुजुर्गों को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगी।
- सरकार की जिम्मेदारी: ईपीएफओ (EPFO) और भारत सरकार मिलकर इस योजना को पारदर्शी तरीके से लागू कर रहे हैं, जिसमें पेंशन का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा।
क्रियान्वयन प्रक्रिया:
अप्रैल 2025 में कैबिनेट द्वारा मंजूरी मिलने के बाद, 15 दिनों के भीतर गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसके बाद ईपीएफओ द्वारा सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को सर्कुलर भेजे गए, और जून 2025 से पेंशन का भुगतान शुरू हो जाएगा। पेंशन राशि हर महीने की 10 तारीख तक बैंक खातों में जमा हो जाएगी।
निष्कर्ष:
ईपीएस-95 पेंशन में हुई यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी करोड़ों पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत और आशा की किरण है। यह सरकार और सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश के बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाता है, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद और आर्थिक स्थिरता आई है। सभी पात्र पेंशनर्स को जल्द ही बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
अस्वीकरण:
यह जानकारी सरकारी और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों पर आधारित है। ईपीएस-95 पेंशन में वृद्धि पूरी तरह से असली और लागू हो चुकी है। पेंशनर्स को सलाह दी जाती है कि वे ईपीएफओ की आधिकारिक जानकारी और अपने बैंक से नवीनतम अपडेट प्राप्त करते रहें। किसी भी अफवाह या गलत जानकारी से बचें।